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राज्य सरकार द्वारा लिए गए इन सख्त फैसलों को प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है
कोलकाता। बंगाल की नई सरकार ने सूबे में महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक स्वच्छता को लेकर बेहद कड़े और अभूतपूर्व कदम उठाने का शंखनाद कर दिया है। राज्य की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने रविवार को सिलीगुड़ी स्थित उत्तरकन्या प्रशासनिक भवन में हाई-लेवल बैठक की। इस बैठक के बाद उन्होंने दो बड़े नीतिगत फैसलों का ऐलान किया। मंत्री ने साफ किया कि सूबे में पैर पसार रहे महिला तस्करी के नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए एक बेहद शक्तिशाली स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही, आगामी 1 सितंबर से सड़कों पर कचरा फेंकने, थूकने या पान-गुटखे की पीक उड़ाने वाले गैर-जिम्मेदार नागरिकों पर भारी आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा।
उत्तरकन्या में विभागीय अधिकारियों के साथ लंबी समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से मुखातिब होते हुए मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि महिला और बाल तस्करी राज्य के माथे पर एक गंभीर कलंक और सामाजिक चुनौती बन चुकी है। इस जघन्य अपराध को जड़ से खत्म करने के लिए प्रस्तावित टास्क फोर्स में केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक अधिकारी, विभिन्न संवेदनशील विभागों के प्रतिनिधि और अनुभवी गैर-सरकारी संगठनों को भी शामिल किया जाएगा। यह संयुक्त टीम विशेषकर अंतरराष्ट्रीय और अंतर-राज्यीय सीमा से सटे संवेदनशील इलाकों में न सिर्फ चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी रखेगी, बल्कि जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान भी चलाएगी।
केंद्रीय और प्रांतीय आंकड़ों का हवाला देते हुए मंत्री ने बेहद चिंता जताई कि राज्य में कम उम्र में विवाह की कुप्रथा तेजी से बढ़ी है, जिसके दुष्परिणामस्वरूप नाबालिग लड़कियां बहुत कम उम्र में ही गर्भवती हो रही हैं। इसी लाचारी का फायदा उठाकर मानव तस्करी के सिंडिकेट सक्रिय हो जाते हैं और गरीब परिवारों की बेटियों को बेहतर रोजगार या शादी का झांसा देकर महानगरों के दलदल में धकेल देते हैं। पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए अग्निमित्रा ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने महिला तस्करी की भयावह जमीनी हकीकत को हमेशा छिपाया और दिल्ली को भ्रामक रिपोर्ट भेजीं। उन्होंने साफ किया कि नई सरकार इस मुद्दे पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगी।
महिला सुरक्षा के साथ-साथ मंत्री ने शहरी स्वच्छता और नगर प्रबंधन को लेकर भी बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया। मानसून के मद्देनजर उन्होंने अधिकारियों को जलजमाव रोकने के लिए निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि 1 सितंबर से सार्वजनिक स्थलों को गंदा करने वालों, जहां-तहां थूकने वालों और अवैध पार्किंग करने वालों के खिलाफ ऑन-द-स्पॉट दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, पूरे राज्य में हालिया चुनाव के दौरान लगे राजनीतिक बैनर-पोस्टर और होर्डिंग्स को तुरंत हटाने का हुक्म दिया गया है, जिनकी जगह अब आधुनिक डिजिटल होर्डिंग्स लगाए जाएंगे ताकि सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी हो सके।
इसी मंच से मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कोलकाता के पूर्व मेयर फिरहाद हाकिम पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मानसून जैसे संवेदनशील समय से ठीक पहले मेयर पद से इस्तीफा देना फिरहाद हाकिम के गैर-जिम्मेदाराना रवैये को दर्शाता है। तृणमूल कांग्रेस के भीतर मचे आंतरिक घमासान पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने टीएमसी को टुकड़े-टुकड़े गैंग करार दिया। राज्य सरकार द्वारा लिए गए इन सख्त फैसलों को प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।